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Hariyali Amavasya Daan: हरियाली अमावस्या पर किन चीजों का दान आपको बनाएगा मालामाल, पितरों का भी मिलेगा आशीर्वाद

Hariyali Amavasya Daan
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Hariyali Amavasya Daan: सावन मास की अमावस्या जिसे हरियाली अमावस्या के नाम से जानते हैं, 24 जुलाई यानी गुरुवार को पड़ रही है। हरियाली अमावस्या पर पितृ पूजन, पवित्र नदी में स्नान, ध्यान और दान का बेहद महत्व है। इसके साथ ही हरियाली अमावस्या पर पिंडदान और तर्पण किया जाता है। पितरों का पूजन करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइये जानते हैं हरियाली अमावस्या पर क्या-क्या दान करें।

1. तिल और काला कपड़ा
हरियाली अमावस्या पर तिल (काले या सफेद) और काला कपड़ा दान करना पितृ दोष की शांति के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। इससे पितर प्रसन्न होते हैं और जीवन से बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं।

2. भोजन, अन्न और जल का दान
इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन कराना सबसे पुण्यकारी माना गया है। आप अन्न, गुड़, चावल, दाल, आटा और शुद्ध जल का दान किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को करें। इससे भोलेनाथ की कृपा के साथ-साथ मां अन्नपूर्णा का भी आशीर्वाद मिलता है।

3. तांबे या पीतल के पात्र का दान
धातु से बने पात्र जैसे तांबे का लोटा, कटोरी या थाली का दान करने से सूर्य और मंगल ग्रह मजबूत होते हैं। यह उपाय स्वास्थ्य, यश और धन में वृद्धि करता है।

4. हरी सब्जियां और हरे वस्त्र
हरियाली अमावस्या का संबंध प्रकृति और हरियाली से है, इसलिए इस दिन हरी सब्जियां और हरे रंग के वस्त्रों का दान करने से घर में समृद्धि आती है। यह उपाय विशेष रूप से व्यापार और आर्थिक उन्नति के लिए प्रभावी होता है।

5. दीपक, घी और धूप का दान
शिव मंदिर में या किसी ब्राह्मण को घी का दीपक, धूप-बत्ती और पूजा सामग्री दान करें। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सौभाग्य बढ़ता है।

6. वृद्ध और असहाय लोगों की सेवा
पितरों को प्रसन्न करने का सबसे श्रेष्ठ उपाय होता है—बुजुर्गों की सेवा। हरियाली अमावस्या पर वृद्ध, असहाय या विधवा महिला को वस्त्र, भोजन या धन का दान करें। इससे आपके पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

हरियाली अमावस्या के दान
हरियाली अमावस्या पर जौ, तिल, अन्न, वस्त्र, छाता, फल, गाय का दान विशेष रूप से फलदायक माना जाता है। इसके साथ ही शिव मंदिर में काले तिल और तिल के तेल का दान करने, सफेद वस्त्रों का दान का भी बड़ा महत्व है। जरूरतमंदों को आर्थिक मदद करने का भी फल मिलता है। अशुभ ग्रहों की शांति के लिए उड़द या चादर का दान भी कर सकते हैं। इसके साथ ही हरियाली अमावस्या के दिन छायादार पेड़ लगाना चाहिए। साथ ही पौधे का दान करने का भी पुण्य फल मिलता है।

हरियाली अमावस्या पर कौनसा पौधा लगाएं
हरियाली अमावस्या पर पीपल, नीम, बेल, तुलसी, आंवला, केला और अश्वगंधा का पौधा लगाने का बड़ा महत्व है। बताया जाता है कि हरियाली अमावस्या पर ये पौधे लगाने से न सिर्फ भगवान शिव और पितृ प्रसन्न होते हैं बल्कि आर्थिक परेशानियां भी दूर होती हैं। चूंकि अमावस्या की तिथि शनि देव को समर्पित होती है। ऐसे में हरियाली अमावस्या पर शनि चालीसा, शिव चालीसा का पाठ करने के बाद शमी का पौधा लगाएं। इससे आपको शिवजी और शनि महाराज दोनों का आशीर्वाद मिलेगा। साथ ही सफाईकर्मियों, चौकीदारों आदि को आर्थिक रूप से दान दे सकते हैं। या उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए दान दे सकते हैं। इससे आपकी कुंडली में शनि दोष भी शांत होगा।

 

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