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Saubhagya Sundari Teej 2025 : मार्गशीर्ष माह में कब रखा जाएगा सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत

Saubhagya Sundari Teej 2025 : मार्गशीर्ष माह में कब रखा जाएगा सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत
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Saubhagya Sundari Teej 2025 : हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को Saubhagya Sundari Teej व्रत मनाया जाता है। इस वर्ष यह व्रत 3 दिसंबर 2025, बुधवार को रखा जाएगा। तृतीया तिथि की शुरुआत 2 दिसंबर की रात 11 बजकर 48 मिनट से होगी और समाप्ति 3 दिसंबर की रात 9 बजकर 30 मिनट पर होगी। महिलाओं के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ और पवित्र माना गया है।

व्रत का महत्व

सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत का संबंध भगवान शिव और माता पार्वती से है। मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती ने कठोर तपस्या के बाद भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त किया था। इसलिए यह व्रत विवाहित महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य, दांपत्य सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। जो महिलाएं पूरे विधि-विधान और श्रद्धा से यह व्रत करती हैं, उनके जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य बना रहता है।

पूजा विधि

इस दिन महिलाएं प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं और पूजा स्थान पर भगवान शिव-पार्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करती हैं। इसके बाद गंगाजल से स्नान कराकर रोली, चावल, फूल, दीप और धूप से पूजा की जाती है। सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार के साथ माता पार्वती की आराधना करती हैं और सौभाग्य की लंबी कामना करती हैं। पूजा के बाद व्रत कथा सुनना और संध्या समय आरती करना शुभ माना जाता है। अंत में ब्राह्मणों और सुहागिन महिलाओं को दान देकर व्रत का समापन किया जाता है।

धार्मिक मान्यता

शास्त्रों के अनुसार, सौभाग्य सुंदरी तीज का व्रत स्त्री-शक्ति, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। यह व्रत रखने से महिलाओं को दीर्घायु पति और सुखी पारिवारिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही यह व्रत मानसिक शांति और आत्मबल को भी बढ़ाता है। माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ माता पार्वती की पूजा करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है।

Shivani Verma
Author: Shivani Verma

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