Translate Your Language :

Latest Updates
Ambikeshwar Mahadev Temple: एक मंदिर, तीन देवता, 14 खंभों पर टिका यह अनोखा धाम क्यों है इतना खास? Ram Setu Mystery: कैसे डूबा राम सेतु? रोचक है इसका इतिहास और लेकिन उलझी है विज्ञान की कहानी, जानें क्या कहते हैं धार्मिक ग्रंथ? Bokaro Top 5 Shiva Mandir : बोकारो के ये हैं टॉप 5 फेमस शिव मंदिर, महाशिवरात्रि पर उमड़ती है लाखों की भीड़! Mahashivratri 2026: इस बार महाशिवरात्रि का व्रत रखने वालों को मिलेगा दोगुना फल, बन रहे हैं ये 2 बेहद शुभ संयोग! Magh Purnima 2026: क्या आप भी नहीं कर पा रहे पूर्णिमा स्नान? इन आसान उपायों से पाएं गंगा स्नान जैसा फल जिन लड़कियों के पैर की बीच वाली उंगली होती है लंबी वो सच्चे दिल से करती हैं मोहब्बत, लेकिन… Brihaspati Dev Temple: देवगुरु पर्वत की 8000 फीट की ऊंचाई पर बृहस्पति देव का मंदिर, जानें क्या है देवताओं के गुरु के मंदिर की कहानी Holi 2026 kab hai: कब है होलिका दहन ? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व Rudraksha ke Niyam: रुद्राक्ष पहनने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, वरना हो सकता है नुकसान Lakshmi Puja on Friday: इस दिन नहीं खानी चाहिए खट्टी चीजें, मां लक्ष्मी हो जाती हैं नाराज?
Home » Uncategorized » Rudraksha ke Niyam: रुद्राक्ष पहनने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, वरना हो सकता है नुकसान

Rudraksha ke Niyam: रुद्राक्ष पहनने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, वरना हो सकता है नुकसान

Facebook
X
WhatsApp

रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से मानी जाती है। रुद्राक्ष धारण करने के कई लाभ बताए गए हैं। इसके साथ ही रुद्राक्ष की माला से मंत्रों का जप करना भी अत्यंत फलदायी होता है। यह माना गया है कि रुद्राक्ष की माला पर किया गया जप कई गुना अधिक फल प्रदान करता है और जातक की आध्यात्मिक उन्नति में सहायक होता है।

रुद्राक्ष धारण करने के लाभ

  1. नियमानुसार रुद्राक्ष धारण करने से साधक को भगवान शिव की कृपा तो मिलती ही है, साथ ही यह मन को शांत रखने का काम भी करता है।
  2. एकाग्रता (Concentration) बढ़ाने के लिए भी रुद्राक्ष धारण करना अच्छा माना गया है। ऐसे में छात्रों के लिए यह विशेष लाभदायक है।
  3. नियमों के अनुसार रुद्राक्ष धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा व बुरी नजर का प्रभाव दूर रहता है।
  4. रुद्राक्ष, मन में आने वाले अशुद्ध और बुरे विचारों को भी नियंत्रित करने का भी काम करता है।
  5. ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, रुद्राक्ष से ग्रहों के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है।
  6. रुद्राक्ष धारण करने से जातक को हर कार्य में सफलता मिलती है।

इस तरह करें धारण

रुद्राक्ष को कभी भी सीधा बाजार से लाकर धारण नहीं करना चाहिए, बल्कि पहले इसे गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करना चाहिए और इसके बाद ही धारण करना चाहिए। शुभ मुहूर्त में 108 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करते हुए इसकी प्राण-प्रतिष्ठा करें या फिर मंदिर में शिवलिंग से स्पर्श कराने के बाद ही इसे धारण करें।

इन गलतियों से बचें

शौचालय जाते समय रुद्राक्ष उतार देना चाहिए। इसके साथ ही सोते समय भी इसे उतारकर सोना चाहिए और किसी पवित्र स्थान या मंदिर में रख देना चाहिए। क्योंकि रुद्राक्ष की माला को पहनकर सोने से इसके टूटने की संभावना बनी रहती है।

इसके साथ ही किसी अशुद्ध स्थान जैसे श्मशान घाट या जहां किसी की मृत्यु हुई हो, वहां भी रुद्राक्ष पहनकर नहीं जाना चाहिए। यदि आप रुद्राक्ष धारण करते हैं, तो आपको मांस-मदिरा व नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहना चाहिए, तभी आपको इसका पूरा लाभ मिल सकता है।

रुद्राक्ष से जुड़ी जरूरी बातें

रुद्राक्ष धारण करने के लिए अमावस्या, पूर्णिमा, सावन, सोमवार या शिवरात्रि का दिन सबसे उत्तम माना गया है। इसके साथ ही रुद्राक्ष को हमेशा साफ रखना चाहिए। कभी भी अपना पहना हुआ रुद्राक्ष किसी दूसरे को नहीं देना चाहिए और न ही किसी दूसरे का पहना हुआ रुद्राक्ष स्वयं पहनें। इन नियमों की अनदेखी करने पर आपको रुद्राक्ष के लाभ की जगह अशुभ परिणाम भी मिल सकते हैं।

 

 

Madhumita Verma
Author: Madhumita Verma

Anchor Presents news updates and conducts interviews with guests.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें