Krishna Janmashtami 2026: श्री कृष्ण जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का पावन पर्व इस बार 4 सितंबर को मनाया जाएगा। यह तिथि बेहद दुर्लभ और अलौकिक ज्योतिषीय संयोगों के साथ आ रही है. शास्त्रों के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, मध्यरात्रि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि के चंद्रमा के शुभ लग्न में हुआ था। इस साल भी जन्माष्टमी पर ठीक वही ऐतिहासिक और दुर्लभ संयोग बन रहा है।
पंचांग के मुताबिक, इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में विराजेंगे और रोहिणी नक्षत्र की साक्षी रहेगी। इसके साथ ही इस पावन दिन ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ और ‘हर्षण योग’ का अति शुभ महासंयोग भी बनने जा रहा है। ज्योतिष में सर्वार्थ सिद्धि योग को सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाला और हर्षण योग को जीवन में अपार खुशी व प्रसन्नता लाने वाला माना गया है। भगवान लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव पर बन रहे इन दुर्लभ योगों के प्रभाव से 4 मुख्य राशियों के जातकों के जीवन से सभी संकट दूर होंगे और धन-वैभव की प्राप्ति होगी। आइए जानते हैं कि इस दिव्य संयोग से किन राशियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है।
वृषभ राशि (Taurus): जन्माष्टमी पर चंद्रमा आपकी ही राशि में उच्च के होकर विराजमान रहेंगे। साथ ही रोहिणी नक्षत्र का संयोग आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
लाभ: आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। लंबे समय से अटकी हुई योजनाएं अचानक गति पकड़ेंगी।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में आपके फैसलों की तारीफ होगी और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
सिंह राशि (Leo): सर्वार्थ सिद्धि और हर्षण योग का निर्माण सिंह राशि के जातकों के लिए करियर और व्यापार में नए आयाम खोलेगा।
लाभ: जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं या व्यापार का विस्तार करना चाहते हैं, उन्हें बड़ी सफलता मिलेगी।
मान-सम्मान: समाज में आपका कद बढ़ेगा। पैतृक संपत्ति या पुराने निवेश से बड़ा आर्थिक लाभ होने के प्रबल संकेत हैं।
वृश्चिक राशि (Scorpio): वृषभ राशि में चंद्रमा की स्थिति आपकी राशि के सप्तम भाव को सुशोभित करेगी, जिससे दांपत्य और साझेदारी के कामों में जबरदस्त सफलता मिलेगी।
लाभ: जीवनसाथी के साथ संबंध और अधिक मधुर होंगे और उनका पूरा सहयोग मिलेगा।
व्यापार: बिजनेस में नए सौदे फाइनल हो सकते हैं जो भविष्य में बड़ा धन लाभ कराएंगे। अटका हुआ पैसा वापस मिलने की पूरी संभावना है।
मकर राशि (Capricorn): मकर राशि वालों के लिए रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का यह संयोग अत्यंत शुभ और फलदायी साबित होगा।
लाभ: विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों को कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।
पारिवारिक सुख: घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। आय के नए जरिया बनने से आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी।
जन्माष्टमी की रात जरूर करें यह विशेष उपाय
– मध्यरात्रि 12 बजे कान्हा के जन्म के समय उनका पंचामृत से अभिषेक करें और उन्हें तुलसी पत्र के साथ माखन-मिश्री अर्पित करें।
– रोहिणी नक्षत्र और वृषभ के चंद्रमा को अर्घ्य देकर ऊं क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का जाप करें। इससे सर्वार्थ सिद्धि योग का पूर्ण शुभ फल प्राप्त होता है।
—- समाप्त —-













