Ketu Nakshartra Parivartan 2026: वैदिक ज्योतिष में केतु को एक छाया, रहस्यमयी और अचानक बदलाव लाने वाला ग्रह माना गया है। गणना के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को केतु मघा नक्षत्र के द्वितीय पद से निकलकर मघा नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करने जा रहे हैं। मघा नक्षत्र के स्वामी स्वयं केतु देव ही हैं। जब केतु अपने ही नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर करते हैं, तो इसका प्रभाव बेहद तीखा और उथल-पुथल मचाने वाला होता है। इस नक्षत्र परिवर्तन के कारण कुछ जातकों को मानसिक तनाव, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां, कार्यक्षेत्र में बाधाएं और धन हानि का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि 3 अक्टूबर को केतु के इस नक्षत्र परिवर्तन से किन 5 राशियों की जिंदगी में मुसीबतें और चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के जातकों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन वाणी और धन भाव को प्रभावित करेगा। आपकी कड़वी वाणी बने-बनाये काम बिगाड़ सकती है, इसलिए बोलने में संयम बरतें। अकारण खर्चे बढ़ने से आपका बजट बिगड़ सकता है और आपको कर्ज लेना पड़ सकता है। मेहनत के बावजूद मनमुताबिक परिणाम न मिलने से निराशा महसूस हो सकती है।
सिंह राशि (Leo)
मघा नक्षत्र का प्रथम पद सिंह राशि के अंतर्गत ही आता है। आपके स्वभाव में बेवजह का गुस्सा, चिड़चिड़ापन और अकेलापन बढ़ सकता है। सिरदर्द, आंखों में तकलीफ या अनिद्रा जैसी स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों या अधिकारियों के साथ वैचारिक मतभेद होने की आशंका है।
मकर राशि (Capricorn)
आपकी राशि से यह गोचर अष्टम (संकट व गुप्त) भाव के प्रभाव में रहेगा। किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश या शेयर बाजार से दूरी बनाकर रखें, बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। परिवार में किसी बात को लेकर पुराना विवाद फिर से उभर सकता है, जिससे घर का माहौल बिगड़ेगा। वाहन चलाते समय या यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतें।
मीन राशि (Pisces)
केतु का यह गोचर आपकी राशि के छठे भाव को प्रभावित करेगा। कार्यस्थल पर आपके विरोधी या गुप्त शत्रु आपके खिलाफ साजिश रच सकते हैं। कानूनी मामलों या कोर्ट-कचहरी के चक्कर में आपका समय और धन बर्बाद हो सकता है। सेहत में अचानक गिरावट आने से काम की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
केतु के अशुभ प्रभाव से बचने के अचूक उपाय
– प्रतिदिन गणेश चालीसा का पाठ करें और गणपति जी को दूर्वा (घास) अर्पित करें।
– काले या चितकबरे कुत्ते को मीठी रोटी या बिस्किट खिलाएं।
– ऊं कें केतवे नमः मंत्र का 108 बार जाप करें।
– शनिवार या मंगलवार के दिन कंबल, तिल, या काले कपड़े का दान किसी जरूरतमंद को करें। .
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