Janmashtami Puja During Periods : पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कई तरह के काम करने के लिए मना किया जाता है। महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पूजा करने के लिए मना किया जाता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या साल भर में आने वाले त्योहार जैसे जन्माष्टमी, होली, दीवाली आदि पर अगर किसी महिला को मासिक धर्म आ जाते हैं तो क्या उन्हें तब भी पूजा नहीं करनी चाहिए? शास्त्रों में भी इस विषय पर विशेष जानकारी दी गई है। आइए जानते हैं जन्माष्टमी पर अगर किसी महिला को मासिक धर्म आ जाते हैं तो क्या इस दौरान लड्डू गोपाल की पूजा कर सकते हैं।
पीरियड्स में पूजा को लेकर धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पूजा नहीं करनी चाहिए। क्योंकि, इस दौरान महिलाओं को शरीर में काफी तेजी ऊर्जा होती है। शास्त्र जैसे मनुस्मृति में बताया गया है कि इस दौरान महिलाओं को शरीर अशुद्ध होता है। ऋषि पंचमी की कथा में भी बताया गया है कि इस समय महिलाओं का शरीर शुद्ध नहीं होता है। इस दौरान मानसिक पूजा करने का अधिक महत्व है जबकि मूर्तियों का स्पर्श आदि नहीं करना चाहिए।
जन्माष्टमी पर मासिक धर्म में ऐसे करें कृष्ण जी की पूजा
जन्माष्टमी पर अगर किसी महिला को मासिक धर्म आ जाते हैं तो इस दिन आप लड्डू गोपाल का मानसिक रूप से पूजा करें और अपने घर के किसी सदस्य से शारीरिक रूप से पूजा करने के लिए कहे। अगर आप अकेले रहते हैं को ऐसी अवस्था में आप किसी पुजारी को बुलाकर लड्डू गोपाल की सेवा करवाएं और इसके बाद कृष्ण जन्माष्टमी के छठे दिन यानी कृष्ण छठी के दिन आप विधि विधान से कृष्ण पूजन कर सकती हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन जरूर करें ये काम
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठे और व्रत का संकल्प लें इसके बाद अपने लड्डू गोपाल को उठाएं और उन्हें स्नान आदि कराकर उनका श्रृंगार करें और फिर उनकी विधि विधान से पूजा करें। अगर आपके पास लड्डू गोपाल नहीं है तो अपने घर के पास में ही किसी मंदिर में जाकर भगवान कृष्ण के दर्शन करके आएं और उन्हें फूल, पीले वस्त्र, मोरपंख, बांसुरी आदि आर्पित करके आएं और इसके बाद उनका आशीर्वाद जरुर लें।













