Aja Ekadashi Upay : भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत और पूजा करने से समस्त पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। इस बार अजा एकादशी का व्रत अत्यंत शुभ संयोग में मनाया जा रहा है। अगर आप भी श्रीहरि विष्णु की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस एकादशी पर इनमें से कोई एक उपाय जरूर करें।
अजा एकादशी की सही तिथि
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 18 अगस्त को शाम 5.23 बजे लगी है और 19 अगस्त को दोपहर 3.33 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार 19 अगस्त को अजा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। अजा एकादशी पर भगवान विष्णु के नामों का जप करने का महत्व है। इसके साथ ही अजा एकादशी का व्रत रखने से एक हजार गायों का दान करने के बराबर फल की प्राप्ति होती है।
अजा एकादशी के उपाय
1. तुलसी और शंख से करें विष्णु पूजन
अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा तुलसी और शंख से करना अत्यंत फलदायक माना जाता है। स्नान के बाद श्रीहरि को पीले फूल, पीले वस्त्र, तुलसी पत्र और पंचामृत अर्पित करें। शंख में गंगाजल भरकर श्रीविष्णु पर अर्पित करें। इससे जीवन में दरिद्रता दूर होती है और लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है।
2. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें
इस दिन प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करके शांत चित्त से विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। यह पाठ अत्यंत पुण्यदायी है और इसे करने से मानसिक शांति के साथ-साथ जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। श्रीहरि की कृपा से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
3. जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र दान करें
अजा एकादशी पर गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और पितृ दोष जैसे कई ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिलती है। यदि संभव हो तो गाय को हरा चारा या गुड़ खिलाना भी शुभ रहता है।
4. दीपदान करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें
संध्या के समय तुलसी के पौधे के पास शुद्ध घी का दीपक जलाएं और विष्णु मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप कम से कम 108 बार करें। यह उपाय बहुत ही सरल है लेकिन अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।













