Ganesh Visarjan 2025: गणेशोत्सव की शुरुआत जितनी धूमधाम से होती है, उसका समापन भी उतनी ही श्रद्धा और भावुकता के साथ किया जाता है। हर साल की तरह इस बार भी अनंत चतुर्दशी, जो कि 6 सितंबर 2025 को मनाई जाएगी, गणपति बप्पा के विसर्जन का दिन है। यह दिन उस भावनात्मक क्षण को दर्शाता है जब भक्त गणपति जी को अगले वर्ष “जल्दी आना” के आग्रह के साथ विदाई देते हैं। हिंदू धर्म में दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है, और त्योहारों के अवसर पर किया गया दान विशेष फलदायक माना जाता है। गणेश विसर्जन के दिन अगर आप कुछ विशेष चीजों का दान करते हैं, तो बप्पा की कृपा से आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है। आइए जानते हैं कि बप्पा को विदा करते समय क्या दान करना सबसे शुभ माना गया है।
1. अन्न और वस्त्र का दान
गणपति बप्पा को खुश करने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है – जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र दान करना। आप चावल, गेहूं, दाल जैसे खाद्य पदार्थों के साथ-साथ नए या साफ-सुथरे कपड़े किसी गरीब, ब्राह्मण या आश्रय गृह में दान कर सकते हैं।
यह दान आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है और पारिवारिक सुख-शांति में वृद्धि करता है।
2. नारियल का दान
नारियल को शुद्धता और शुभता का प्रतीक माना जाता है। विसर्जन के समय बप्पा को अर्पित किया गया नारियल किसी नदी में प्रवाहित करें या जरूरतमंद को दान करें। ऐसा करने से जीवन में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और मानसिक शांति मिलती है।
3. मोदक और मिठाई का दान
मोदक बप्पा का प्रिय भोग है। विसर्जन के बाद मोदक, लड्डू या कोई भी मिठाई गरीबों में बांटना अत्यंत पुण्यदायक माना गया है।
इससे बप्पा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।मंदिर में भी भोग लगाकर मिठाइयों का वितरण किया जा सकता है।
4 क्यों जरूरी है विसर्जन के बाद दान?
हिंदू धर्म में दान का विशेष महत्व बताया गया है. गणपति जी को विघ्नहर्ता और सुखकर्ता कहा गया है. दान सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि संस्कार और सहानुभूति का प्रतीक है।गणेश जी को विघ्नहर्ता और समृद्धि का देवता माना गया है। जब हम उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई देते हैं और दूसरों की सहायता करते हैं, तो यह भाव स्वयं में ही एक पुण्य कार्य बन जाता है। ऐसा माना जाता है कि विसर्जन के दिन किया गया दान दरिद्रता दूर करता है, विवाद शांत करता है, और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
इस अनंत चतुर्दशी, जब आप बप्पा को विदा करें, तो श्रद्धा और प्रेम के साथ ये छोटे-छोटे दान ज़रूर करें। ये कार्य न केवल आपके जीवन में खुशहाली लाएंगे, बल्कि समाज में भी सहानुभूति और सेवा का संदेश फैलाएंगे।
गणपति बप्पा मोरया! अगले बरस तू जल्दी आ!













