Ganesh Chaturthi 2025 : गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो ‘विघ्नहर्ता’ और ‘सिद्धिदाता’ के रूप में पूजे जाते हैं। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, पूजा में फूलों का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि भगवान को प्रिय फूल अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
गणेश चतुर्थी 2025 के अवसर पर अगर आप भगवान गणेश की कृपा पाना चाहते हैं, तो पूजा में इन 5 खास फूलों का उपयोग अवश्य करें:
1. गेंदे के फूल
गेंदे के फूल भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय हैं। पूजा-पाठ में इन फूलों का सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि गेंदे के फूल चढ़ाने से आरोग्य की प्राप्ति होती है और आर्थिक तंगी दूर होती है। यह फूल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक माना जाता है।
2. गुड़हल के फूल
लाल रंग का गुड़हल का फूल शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक है। यह फूल भगवान गणेश को अर्पित करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन में सफलता के नए मार्ग खुलते हैं। साथ ही यह मानसिक शांति और आत्मबल को भी बढ़ाता है।
3. पारिजात के फूल
पारिजात का फूल सुगंधित और पवित्र माना जाता है। यह फूल विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो संतान सुख की इच्छा रखते हैं। पारिजात अर्पित करने से संतान प्राप्ति में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है।
4. कंद के फूल
कंद के फूल दुर्लभ माने जाते हैं, लेकिन गणेश पूजन में इनका खास महत्व है। इन्हें अर्पित करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और घर-परिवार में आपसी प्रेम तथा सामंजस्य बढ़ता है। यह फूल मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है।
5. अपराजिता के फूल
अपराजिता फूल का नाम ही बताता है कि यह विजय और सफलता का प्रतीक है। विशेष रूप से विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए इस फूल को भगवान गणेश को अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।













