Hal Shashthi 2025 Upay: भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हलषष्ठी व्रत रखा जाता है। यह तिथि आज यानी 14 अगस्त, गुरुवार के दिन पड़ रही है। इस व्रत को कुछ स्थानों ‘हर छठ’ के नाम से भी जाना जाता है। इसी दिन भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलरामजी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। ऐसे में हल षष्ठी पर व्रत रखने और पूजा करने का खास महत्व होता है। यह व्रत संतान सुख की प्राप्ति, दीर्घायु, बेहतर स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए रखा जाता है। वहीं, अगर आप हलषष्ठी के दिन कुछ विशेष उपाय कर लें तो इससे जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त हो सकती है।
संतान के सुख और रक्षा के लिए करें यह काम
हलषष्ठी व्रत के दिन पूजा-पाठ करने के साथ-साथ किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को सात प्रकार के अलग-अलग अनाज दान करने चाहिए। इस दान को आप मंदिर में भी कर सकते हैं। ऐसा करने से संतान को लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सुख प्राप्त होता है। साथ ही, इस उपाय से जातक को जीवन के दुखों से छुटकारा मिल सकता है और धीरे-धीरे खुशियां दस्तक देने लगती हैं।
हलषष्ठी पर इस चीज के दान से धन में होगी वृद्धि
इस खास दिन पर पूजा-पाठ करने के साथ-साथ किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को मौसमी फल दान करने चाहिए। जैसे- सेब, नाशपाती, अमरूद आदि का दान करना बहुत लाभदायक होता है। ऐसा करने से जातक को कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है और घर की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने लगती है। इस उपाय को करने से संतान के करियर में भी ग्रोथ होती है और धन में वृद्धि के योग बनने लगते हैं।
इस उपाय को करने से जीवन में आएगी सुख-समृद्धि
हलषष्ठी के दिन गाय के दूध से बने पदार्थ और जमीन से उगी चीजों का प्रयोग करना वर्जित माना जाता है। ऐसे में इस दिन आंगन में छठी माता का चित्र बनाकर उनको सात अनाजों को मिलाकर बनाया हुआ सतनजा और दही-तिन्नी के चावल का भोग लगाना चाहिए। साथ ही, व्रत कथा का पाठ भी करें। ऐसा करने से आपको माता की विशेष कृपा प्राप्ति होती है और संतान को आरोग्य, सुख व उन्नति मिलती है। विधि-विधान से हल षष्ठी पर पूजा और व्रत करने से जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती। साथ ही, जीवन से नकारात्मकता दूर होती है।
हलषष्ठी पर इन बातों का रखें विशेष ध्यान
इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को कुछ बातों का विशेष ख्याल रखना जरूरी होता है। मान्यता है कि हलषष्ठी के दिन भूलकर भी हल से जोती हुई धरती पर नहीं चलना चाहिए। ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है। साथ ही, इस दिन गाय के दूध, दही, घी आदि चीजों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। हलषष्ठी के दिन तामसिक भोजन करने की मनाही होती है। ऐसे में गलती से भी भोजन पकाते वक्त प्याज, लहसुन आदि का प्रयोग न करें। इस दिन हल चलाई जमीन का अन्न, साग, फल, सब्जी आदि का सेवन करना भी वर्जित माना गया है।













