Mahalakshmi Vrat 2025: महालक्ष्मी व्रत भक्ति, श्रद्धा और देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह व्रत भाद्रपद शुक्ल अष्टमी से शुरू होकर अश्विन कृष्ण अष्टमी तक चलता है, यानी पूरे 16 दिनों तक। इस वर्ष यह व्रत 30 अगस्त 2025 से आरंभ होकर 14 सितंबर 2025 तक मनाया जाएगा। इस दौरान महिलाएं विशेष रूप से देवी लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करती हैं, व्रत रखती हैं, व्रत कथा का पाठ करती हैं और धर्म-कर्म में भाग लेती हैं। माना जाता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से जीवन में सुख-समृद्धि, वैभव और आर्थिक संपन्नता आती है।
सुख-समृद्धि के लिए उपाय
महालक्ष्मी व्रत में देवी लक्ष्मी को खीर का भोग अवश्य लगाएं। पूजा के बाद इस खीर को 16 कन्याओं में बांटें। यह उपाय अत्यंत शुभ फलदायक माना जाता है। साथ ही, रात्रि में चंद्रमा को दूध से अर्घ्य दें और ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले वसले प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें। इससे घर में सुख-शांति और लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
धन लाभ के लिए उपाय
व्रत के दौरान देवी लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें और उन्हें चांदी के सिक्के व कौड़ियां अर्पित करें। पूजा के अगले दिन इन सिक्कों और कौड़ियों को लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी या धन स्थान में रखें। मान्यता है कि यह उपाय करने से आर्थिक वृद्धि और धन लाभ के योग बनते हैं।
तंगी दूर करने के लिए उपाय
यदि जीवन में आर्थिक तंगी चल रही हो तो व्रत के समय देवी लक्ष्मी के चरणों में कमल और पलाश के फूल अर्पित करें। साथ ही, पूजा में श्रीयंत्र, गाय के घी का दीपक, लाल वस्त्र, और सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करना न भूलें। यह उपाय माता लक्ष्मी की कृपा दिलाने में सहायक होता है और धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
व्रत में इन बातों का रखें विशेष ध्यान
व्रत के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, खासकर मुख्य द्वार और पूजा स्थल की।
नमक और खट्टी चीजों का सेवन न करें।
श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत करें, और यदि पूरे 16 दिन का व्रत न कर सकें, तो पहले, मध्य और अंतिम दिन व्रत जरूर रखें।
महालक्ष्मी व्रत न केवल आध्यात्मिक उन्नति देता है, बल्कि जीवन में सुख, शांति और धन-वैभव भी लाता है। इन आसान लेकिन प्रभावशाली उपायों को अपनाकर आप भी माता लक्ष्मी की कृपा के पात्र बन सकते हैं।













