भारत मंदिरों का देश कहा जाता है. यहां कई प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर हैं. ऐसा ही एक प्राचीन मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में है. प्रयागराज को तीर्थों का राजा माना माना जाता है. यहां गंगा, यमुना और सरस्वतीन नदी का संगम होता है. देश के हर कोने से लोग संगम में डुबकी लगाने आते हैं. इसी तीर्थनगरी प्रयागराज के पावन यमुना तट पर भगवान शिव का दिव्य मंदिर स्थित है. इसका नाम है मनकामेश्वर मंदिर.

ये मंदिर यमुना तट पर स्थित है. मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में आकर जो सच्ची भक्ति से महादेव की पूजा करता है भगवान उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. इस मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालु का मन भक्ति से भर जाता है. सावन मास में भक्तों की यहां बहुत भीड़ लगी रहती है. सावन और महाशिवरात्रि में इस मंदिर में रुद्राभिषेक करने से महादेव बहुत प्रसन्न होते है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में यहां शिवलिंग की स्थापना की गई थी. शिवलिंग की स्थापना किसी और ने नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम ने माता सीता की मनोकामना पूर्ण करने के लिए की थी. तभी से यह स्थान सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध हो गया. भक्त मनकामेश्वर मंदिर में इस विश्वास के साथ आते हैं कि महादेव उनकी हर मनोकामना को पूर्ण करेंगे. भक्त इस मंदिर में महादेव की अलौकिक आभा अनुभव करते हैं.

महादेव की ये अलौकिक आभा भक्तों के जीवन में सुख-शांति और आध्यात्मिक आनंद भरती है. मंदिर परिसर में मनकामेश्वर शिव के अलावा सिद्धेश्वर और ऋणमुक्तेश्वर महादेव के शिवलिंग भी हैं. महादेव के अलावा मंदिर में हनुमान जी की दक्षिणमुखी प्रतिमा भी है.
Author: Madhumita Verma
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