Shani Amavasya 2025 : हिंदू धर्म में शनि अमावस्या का विशेष महत्व होता है। यह दिन शनि देव को समर्पित होता है और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन किए गए शुभ या अशुभ कर्मों का गहरा प्रभाव जातक के जीवन पर पड़ता है। शनि को कर्मों का दंडदाता माना गया है और अमावस्या की रात उनके प्रभाव को और भी अधिक शक्तिशाली बना देती है। इस कारण शनि अमावस्या की रात कुछ कार्यों से बचना अत्यंत आवश्यक होता है, ताकि जीवन में अनचाही परेशानियों और दुर्भाग्य से बचा जा सके।
शनि अमावस्या की रात ये काम न करें:
झूठ बोलने से बचें:
इस दिन झूठ बोलना शनि देव को अत्यंत अप्रिय होता है। यह आपके कर्मों पर सीधा असर डाल सकता है और जीवन में बाधाएं ला सकता है।
नशा और मांसाहार से दूर रहें:
शराब, मांस आदि का सेवन इस रात नहीं करना चाहिए। यह शनि को क्रोधित करता है और इससे दुर्भाग्य बढ़ सकता है।
काले कपड़े पहनने से बचें:
यद्यपि शनि का रंग काला माना जाता है, परंतु इस दिन काले वस्त्र पहनना नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकता है।
किसी को अपशब्द न कहें:
इस दिन दूसरों को अपमानित करना, गाली देना या झगड़ा करना अशुभ फल दे सकता है। शनि न्यायप्रिय हैं और ऐसे कर्मों को क्षमा नहीं करते।
निर्धनों और बुजुर्गों की उपेक्षा न करें:
जरूरतमंदों को नजरअंदाज करना इस दिन भारी पड़ सकता है। शनि विशेष रूप से गरीबों के प्रति संवेदनशील हैं।
शनि अमावस्या को क्या करें:
शनि मंदिर जाकर पूजा करें:
शनि देव को तिल, सरसों का तेल, नीले फूल अर्पित करें और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।
दान पुण्य करें:
काले तिल, कंबल, लोहे के बर्तन, चप्पल आदि का दान जरूरतमंदों को करें। यह शनि के कुप्रभाव को कम करता है।
पीपल के पेड़ की पूजा करें:
पीपल पर जल चढ़ाएं, दीपक जलाएं और परिक्रमा करें। यह विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
साधना और ध्यान करें:
इस रात आत्मनिरीक्षण और ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता है।













