Religious Journey Bateshwar: प्रसिद्ध जैन तीर्थ शौरीपुर बटेश्वर में मंगलवार को प्रातः 6:30 बजे ‘श्री नेमिनाथ गिरनार धर्म यात्रा’ का भव्य आगमन हुआ। 22वें जैन तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ के आगामी 20 जुलाई 2026 को होने वाले मोक्ष कल्याण के पावन अवसर पर इस 25 दिवसीय यात्रा का आयोजन किया गया है। ‘विश्व जैन संगठन’ सकल जैन समाज के तत्वावधान में यह यात्रा बीती 25 जून को कृष्ण नगर, दिल्ली से आरंभ हुई थी, जो करीब 5100 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करेगी।
यह यात्रा दिल्ली से शुरू होकर नोएडा, आगरा से शौरीपुर बटेश्वर पहुंची यहां से आगे बढ़ते हुए ये यात्रा सिरसागंज, इटावा, भिण्ड, ग्वालियर, मुरैना,भोपाल, विदिशा, इंदौर, औरंगाबाद, मुंबई,पुणे,होते हुए देश के 10 राज्यों और लगभग 55 से 60 शहरों से गुजरती हुई यह धर्म यात्रा 19 जुलाई को गिरनार (गुजरात) पहुंचेगी, जहां 20 जुलाई को भगवान नेमिनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव बेहद धूमधाम से मनाया जाएगा और गिरनार पर्वत की वंदना की जाएगी।
विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान नेमिनाथ की मोक्ष स्थली गिरनार पर्वत की वंदना करना और पूरे समाज को इसके प्रति जागरूक व प्रेरित करना है। इसके साथ ही यात्रा के माध्यम से अहिंसा, जियो और जीने दो, शाकाहार, जीवों पर दया और पर्यावरण संरक्षण का व्यापक संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। इस भव्य यात्रा में लाखों की संख्या में जैन श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की उम्मीद है। बटेश्वर पहुंचने पर यात्रा में मुख्य रूप से अचल जैन, अनुज जैन, अभिषेक जैन, निपुण जैन और गौरव जैन सहित भारी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
कौन थे भगवान नेमिनाथ?
नेमिनाथ भगवान जैन धर्म के 22वें तीर्थ कर थे l इनका जन्म जनपद आगरा उत्तर प्रदेश के बटेश्वर ( शौरीपुर ) मे यदुवंशी राजा समुद्र विजय की रानी शिवा देवी के गर्भ से हुआ था l ये भगवान श्री कृष्ण के चचेरे भाई थे l
भगवान नेमिनाथ का अधिकांश समय कठिन तप साधना गिरिनार पर्वत ( जूनागढ़ गुजरात ) मे बीता और अषाढ़ शुक्ल पक्ष अष्टमी को यही से मोक्ष प्राप्त हुआ l












