Chandra Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, मस्तिष्क, माता, भावना और द्रव्यों का कारक ग्रह माना जाता है। नवग्रहों में चंद्रमा सबसे तेज गति से गोचर करने वाले ग्रह हैं, जो लगभग सवा दो से ढाई दिन में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश कर जाते हैं।
आज रात चंद्रमा मकर राशि की यात्रा समाप्त कर अपने मित्र शनि देव के स्वामित्व वाली कुंभ राशि (Aquarius) में प्रवेश करने जा रहे हैं। चंद्रमा के इस गोचर से कई राशियों के मानसिक तनाव दूर होंगे और उन्हें आर्थिक व व्यावसायिक मोर्चे पर बड़ी सफलता मिलेगी। आइए जानते हैं कि चंद्रमा के कुंभ राशि में जाने से किन राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है।
मेष राशि (Aries)- आय में वृद्धि और इच्छाओं की पूर्ति
कैसा रहेगा प्रभाव: चंद्रमा आपकी राशि से ग्यारहवें (आय व लाभ) भाव में गोचर करेंगे।
मिलेंगे ये फायदे: आपकी आमदनी में अचानक बढ़ोतरी के योग बनेंगे। लंबे समय से अटकी हुई व्यावसायिक योजनाएं पूरी होंगी। कार्यस्थल पर सहकर्मियों का भरपूर सहयोग मिलेगा और निवेश से मुनाफा होने की संभावना है।
मिथुन राशि (Gemini)- भाग्य का साथ और सुखद यात्राएं
कैसा रहेगा प्रभाव: चंद्रमा आपकी राशि से नौवें (भाग्य व धर्म) भाव में गोचर करेंगे।
मिलेंगे ये फायदे: किस्मत का पूरा साथ मिलने से आपके काम आसानी से बनते चले जाएंगे।कार्य या व्यापार से जुड़ी दूर की यात्राएं लाभदायक साबित होंगी। मन में आध्यात्मिक शांति का अनुभव होगा और धार्मिक गतिविधियों में रुझान बढ़ेगा।
तुला राशि (Libra)- अचानक धन लाभ और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि
कैसा रहेगा प्रभाव: चंद्रमा आपकी राशि से पांचवें (शिक्षा, संतान व बुद्धि) भाव में गोचर करेंगे।
मिलेंगे ये फायदे: विद्यार्थियों और शोध से जुड़े लोगों के लिए समय बहुत उत्तम रहेगा। शेयर बाजार या पुराने निवेश से अप्रत्याशित लाभ के अवसर मिल सकते हैं। संतान पक्ष की ओर से कोई सुखद समाचार सुनने को मिल सकता है।
कुंभ राशि (Aquarius)- मानसिक शांति और व्यक्तित्व में निखार
कैसा रहेगा प्रभाव: चंद्रमा आपकी ही राशि यानी प्रथम (लग्न) भाव में प्रवेश करेंगे।
मिलेंगे ये फायदे: पिछले कुछ दिनों से चल रही मानसिक उलझनों और तनाव से राहत मिलेगी। आपका मन प्रसन्न रहेगा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी और समाज में आपकी साख बढ़ेगी।
चंद्रमा के शुभ प्रभाव बढ़ाने के अचूक उपाय
– शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें, क्योंकि चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान हैं।
– संध्या के समय “ऊं सोमाय नमः” या “ऊं चं चंद्रमसे नमः” मंत्र का जाप करें।
– किसी जरूरतमंद को चावल, दूध, मिश्री या सफेद वस्त्र का दान करने से चंद्र दोष शांत होता है।
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