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Vish Yog 2026: आज से बना विष योग, 11 जून तक इन राशियों पर रहेगा खास प्रभाव

Vish Yog 2026: आज से बना विष योग, 11 जून तक इन राशियों पर रहेगा खास प्रभाव
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Vish Yog 2026: वैदिक ज्योतिष में जब भी कोई ग्रह गोचर या योग बनाता है तो उसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 10 जून यानी आज विष योग का निर्माण हो चुका है, जो कि 11 जून तक बना रहेगा। यह विष योग मीन राशि में बनेगा। जब भी कुंडली या गोचर में शनि और चंद्रमा की युति होती है, तो ‘विष योग’ का निर्माण होता है।

चंद्रमा को मन का कारक माना गया है और शनि को अनुशासन व कर्म का, इसलिए इस योग का सीधा असर मानसिक स्थिति और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है। मीन राशि के इस गोचर के दौरान कुछ विशेष राशियों को अगले 48 घंटों तक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में –

मेष राशि (Aries): आपकी राशि से बारहवें भाव में यह युति होने जा रही है, जो खर्च और मानसिक चिंता का भाव है। अचानक बड़े खर्चे सामने आ सकते हैं। निवेश करने के लिए यह समय बिल्कुल ठीक नहीं है। नींद न आने की समस्या या आंखों में तकलीफ जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

कन्या राशि (Virgo): यह योग आपके सातवें भाव यानी साझेदारी और वैवाहिक जीवन के स्थान पर बन रहा है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ गलतफहमी के कारण विवाद हो सकता है। कार्यक्षेत्र में किसी भी तरह की बहसबाजी से दूर रहें और धैर्य से काम लें।

कुंभ राशि (Aquarius): आपके धन और वाणी के भाव (दूसरे भाव) में इस योग का प्रभाव रहेगा। संचित धन में कमी आ सकती है। कोई रुका हुआ पैसा और अटक सकता है। आपकी बात का गलत मतलब निकाला जा सकता है, इसलिए बोलते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें।

मीन राशि (Pisces): चूंकि यह योग आपकी ही राशि में बन रहा है, इसलिए सबसे अधिक प्रभाव आप पर ही देखने को मिल सकता है। अज्ञात भय, बेचैनी या नकारात्मक विचार हावी हो सकते हैं। इस दौरान कोई भी बड़ा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें। वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा अपनों से मतभेद हो सकते हैं।

विष योग के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय-

भगवान शिव की आराधना: चंद्रमा और शनि दोनों के दोषों को दूर करने के लिए शिवलिंग पर जलाभिषेक करें या ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।

हनुमान चालीसा का पाठ: मानसिक शांति और आत्मबल बढ़ाने के लिए हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें।

सकारात्मक दृष्टिकोण: नकारात्मक विचारों से बचने के लिए खुद को रचनात्मक कार्यों में व्यस्त रखें और जल्दबाजी में कोई प्रतिक्रिया न दें।

Shweta Yadav
Author: Shweta Yadav

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