Guru Nakshatra Parivartan 2026: 19 अगस्त 2026 को ज्ञान, शिक्षा और वृद्धि के कारक ग्रह देवगुरु बृहस्पति पुष्य नक्षत्र से निकलकर अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। बुद्ध के स्वामित्व वाले अश्लेषा नक्षत्र में गुरु का यह बदलाव कई राशियों के लिए करियर, शिक्षा, बैंकिंग और व्यापार के क्षेत्र में बड़ी सफलता लेकर आएगा।
वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को सबसे शुभ ग्रह माना जाता है। 19 अगस्त को गुरु देव पुष्य नक्षत्र का चरण पूरा करके अश्लेषा नक्षत्र में गोचर करने जा रहे हैं। अश्लेषा नक्षत्र का स्वामित्व बुध ग्रह के पास है, जो बुद्धि, तर्क और व्यापार के कारक हैं। जब ज्ञान के कारक गुरु और बुद्धि के कारक बुध के नक्षत्र का यह संयोग बनता है, तो इससे लोगों की निर्णय क्षमता, वित्तीय समझ और बौद्धिक कौशलों में जबरदस्त निखार देखने को मिलता है। इस नक्षत्र परिवर्तन का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 5 राशियों के लिए यह गोचर अत्यंत फलदायी रहने वाला है।
मिथुन राशि (Gemini)
अश्लेषा नक्षत्र का स्वामी बुध आपकी राशि का स्वामी है। गुरु के इस गोचर से आपकी आर्थिक स्थिति में बड़ा उछाल आएगा। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और वाणी के दम पर व्यापार में नए और बड़े सौदे तय करने में आप सफल रहेंगे।
कर्क राशि (Cancer)
गुरु आपकी राशि में ही गोचर कर रहे हैं। अश्लेषा नक्षत्र में उनके आने से मानसिक स्पष्टता बढ़ेगी। पारिवारिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और नए काम की शुरुआत के लिए यह समय बेहद अनुकूल रहेगा।
कन्या राशि (Virgo)
बुध के स्वामित्व वाले नक्षत्र में गुरु का प्रवेश कन्या राशि के जातकों के लिए आय के नए साधन खोलेगा। शेयर बाजार, बैंकिंग और निवेश से जुड़े जातकों को उम्मीद से बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
धनु राशि (Sagittarius)
आपकी राशि के स्वामी गुरु का नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए शुभ समाचार लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की तारीफ होगी। जो लोग शिक्षण, रिसर्च, वकालत या सलाह देने के पेशे से जुड़े हैं, उन्हें कोई बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है।
मीन राशि (Pisces)
गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं। शिक्षा और प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह समय स्वर्णिम साबित होगा। संतान पक्ष से जुड़ी चिंताएं दूर होंगी और सम्मान में बढ़ोतरी होगी।
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