Home » ब्लॉग » Hindu Dharam: झारखंड का रहस्यमयी शिव मंदिर, जहां 24 घंटे होता है प्राकृतिक जलाभिषेक

Hindu Dharam: झारखंड का रहस्यमयी शिव मंदिर, जहां 24 घंटे होता है प्राकृतिक जलाभिषेक

Hindu Dharam: झारखंड का रहस्यमयी शिव मंदिर, जहां 24 घंटे होता है प्राकृतिक जलाभिषेक
Facebook
X
WhatsApp

Hindu Dharam: झारखंड के रामगढ़ जिले में भगवान शिव का एक ऐसा प्राचीन मंदिर मौजूद है, जो अपने आप में बेहद रहस्यमयी माना जाता है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां शिवलिंग पर साल के 12 महीने और 24 घंटे लगातार जलाभिषेक होता रहता है। खास बात यह है कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए किसी श्रद्धालु को वहां मौजूद रहने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि एक प्राकृतिक जलधारा लगातार शिवलिंग पर गिरती रहती है।

1925 में खुदाई के दौरान सामने आया मंदिर

बताया जाता है कि इस मंदिर का इतिहास साल 1925 से जुड़ा हुआ है। उस समय ब्रिटिश शासन के दौरान इलाके में पानी के लिए खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान जमीन के नीचे एक गुंबदनुमा ढांचा दिखाई दिया। जब खुदाई को आगे बढ़ाया गया तो जमीन के अंदर दबा हुआ पूरा मंदिर सामने आया।

मंदिर के अंदर एक शिवलिंग स्थापित था और उसके ठीक ऊपर मां गंगा की सफेद रंग की प्रतिमा मिली। इस प्रतिमा से जुड़ी सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसकी नाभि से लगातार जल की धारा निकलती रहती है।

मां गंगा की प्रतिमा से निकलता है जल

मान्यता के अनुसार, मां गंगा की प्रतिमा की नाभि से निकलने वाला जल उनकी दोनों हथेलियों से होकर सीधे नीचे मौजूद शिवलिंग पर गिरता है। इस तरह शिवलिंग का लगातार जलाभिषेक होता रहता है। यह जलधारा कब से और किस प्राकृतिक स्रोत से निकल रही है, इसका रहस्य आज भी बना हुआ है।

बताया जाता है कि इस जल के स्रोत को समझने के लिए वैज्ञानिक स्तर पर भी जांच की गई, लेकिन अब तक इसके वास्तविक स्रोत का पता नहीं चल पाया है। यही वजह है कि मंदिर में होने वाला लगातार जलाभिषेक श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ-साथ रहस्य का विषय भी बना हुआ है।

बिना चलाए चलते हैं हैंडपंप

इस मंदिर का रहस्य सिर्फ शिवलिंग पर गिरने वाली जलधारा तक ही सीमित नहीं है। मंदिर परिसर में दो हैंडपंप भी लगे हुए हैं, जिनसे बिना चलाए लगातार पानी निकलता रहता है। खास बात यह है कि आसपास की नदी के सूख जाने और भीषण गर्मी के बावजूद इन हैंडपंपों से जल प्रवाहित होता रहता है। मंदिर से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं के लिए यह भी एक चमत्कार से कम नहीं है।

लगातार बहते पानी का स्रोत कहां है और जमीन के अंदर इसका संबंध किस जलधारा से है, इसे लेकर आज भी कई सवाल बने हुए हैं।

जल को प्रसाद मानते हैं श्रद्धालु

इस मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं भी काफी खास हैं। श्रद्धालु शिवलिंग पर लगातार चढ़ने वाले जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से भगवान शिव से मांगी गई मुराद पूरी होती है। यही वजह है कि दूर-दूर से श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। प्राकृतिक जलधारा, मां गंगा की प्रतिमा और बिना चलाए पानी देने वाले हैंडपंप इस प्राचीन मंदिर को बाकी शिव मंदिरों से अलग बनाते हैं। आस्था और रहस्य से जुड़ी इन मान्यताओं की वजह से यह मंदिर लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

—- समाप्त —-

Shweta Yadav
Author: Shweta Yadav

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबरें