Vastu Tips: घर को खूबसूरत और हरा-भरा बनाने के लिए लोग तरह-तरह के पौधे लगाते हैं। कुछ पौधे घर की सजावट बढ़ाते हैं, तो कुछ अपनी खुशबू और हरियाली से माहौल को खुशनुमा बनाते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र में पौधों को चुनते समय कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि कुछ पौधे घर के वातावरण और सुख-समृद्धि के लिए शुभ नहीं माने जाते। इनमें कांटेदार पौधे, बोनसाई और सूखे पौधों का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। अगर आप भी घर या बालकनी में नए पौधे लगाने की सोच रहे हैं, तो जान लें कि वास्तु मान्यताओं के अनुसार किन 5 पौधों को घर में लगाने से बचने की सलाह दी जाती है।
1. कांटेदार पौधे
वास्तु शास्त्र में कैक्टस, नागफनी और दूसरे कांटेदार पौधों को घर के अंदर रखने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इनके नुकीले कांटे तनाव और आपसी मतभेद का प्रतीक माने जाते हैं। हालांकि, गुलाब के पौधे को लेकर अलग मान्यताएं हैं। अगर आपको कांटेदार पौधे पसंद हैं, तो उनकी जगह और देखभाल पर ध्यान देना बेहतर है।
2. पीपल का पौधा
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को पूजनीय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसकी पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। हालांकि, वास्तु में पीपल का पौधा घर के भीतर उगाना उचित नहीं माना जाता। पीपल का पेड़ बड़ा होता है और इसकी जड़ें फैलती हैं, इसलिए इसे घर की दीवारों या नींव के पास उगने देना व्यावहारिक रूप से भी नुकसानदेह हो सकता है। अगर यह अपने आप उग आए, तो इसे सावधानी से किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था करें।
3. सूखे और मुरझाए पौधे
वास्तु मान्यताओं में सूखे और मुरझाए पौधों को घर में रखना अच्छा नहीं माना जाता। कहा जाता है कि हरे-भरे पौधे सकारात्मकता और ताजगी का प्रतीक होते हैं, जबकि सूखे पौधे ठहराव का संकेत देते हैं। इसलिए समय-समय पर पौधों की देखभाल करें। अगर कोई पौधा पूरी तरह सूख चुका है, उसके दोबारा स्वस्थ होने की संभावना नहीं है, तो उसे हटा दें। इससे घर और बालकनी साफ-सुथरी भी बनी रहेगी।
4. मेहंदी का पौधा
मेहंदी का पौधा औषधीय और पारंपरिक उपयोगों के लिए जाना जाता है। हालांकि, कुछ वास्तु मान्यताओं में इसे घर के भीतर या आंगन में लगाना शुभ नहीं माना जाता। ऐसी धारणा है कि यह घर की सकारात्मकता को प्रभावित कर सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह धार्मिक मान्यता है।
5. बोनसाई का पौधा
बोनसाई छोटे आकार में उगाया जाने वाला सजावटी पौधा है। यह देखने में आकर्षक होता है और कम जगह में भी रखा जा सकता है। लेकिन वास्तु शास्त्र की कुछ मान्यताओं में इसे घर की तरक्की में रुकावट का प्रतीक माना जाता है। इसकी वजह यह धारणा है कि बोनसाई में पेड़ की प्राकृतिक वृद्धि को सीमित रखा जाता है।
घर में पौधे लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
घर के लिए पौधे चुनते समय उनकी जरूरत, रोशनी, जगह और देख। देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है सूखी पत्तियों को समय-समय पर हटाएं , पौधों में जरूरत से ज्यादा पानी न डालें। बड़े पेड़ों को घर की नींव और पाइपलाइन से उचित दूरी पर लगाएं। वास्तु में आस्था रखने वाले लोग अपनी मान्यताओं के अनुसार पौधों का चुनाव कर सकते है।
……..समाप्त ……..












