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Shardiy Navratri 2025 : अगर पाना चाहते हैं मां दुर्गा का आशीर्वाद, तो भूल से भी ना चढ़ाएं माता रानी को ये 4 फल

Shardiya Navratri 2025 : नवरात्र में पान के पत्ते से करें ये 4 खास उपाय, माता लक्ष्मी बरसाएंगी धन-संपदा की वर्षा
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नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व माना गया है। भक्तजन पूरे नौ दिनों तक मां की आराधना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। पूजा-पाठ के दौरान फल और प्रसाद अर्पित करने की परंपरा भी सदियों से चली आ रही है। लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ फल ऐसे हैं जिन्हें भूलकर भी मां दुर्गा को अर्पित नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से मां प्रसन्न होने के बजाय अप्रसन्न हो सकती हैं और पूजा का फल अधूरा रह जाता है। आइए जानते हैं वे चार फल कौन-से हैं जिन्हें माता रानी को चढ़ाने से बचना चाहिएShardiya Navratri 2025: अगर पाना चाहते हैं मां दुर्गा का आशीर्वाद, तो भूल  से भी ना चढ़ाएं ये 4 फल - shardiya navratri 2025 do not offer this fruit  bhog to maa durga tvisz - AajTak

 

1. कटहल (Jackfruit)

कटहल को धार्मिक दृष्टि से अशुद्ध फल माना गया है। इसका गूदा चिपचिपा और भारी होता है, जिस कारण इसे पूजा के लिए अनुपयुक्त समझा गया है। मान्यता है कि इसे देवी-देवताओं को अर्पित करने से पूजा का प्रभाव घट जाता है।

2. शहतूत (Mulberry)

शहतूत स्वादिष्ट और औषधीय गुणों से भरपूर फल है, लेकिन इसे तामसिक फल माना जाता है। पूजा में तामसिक चीजों का प्रयोग वर्जित है। इस कारण इसे मां दुर्गा को चढ़ाना शुभ नहीं माना जाता।

3. लीची (Lychee)

लीची का सेवन सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है, लेकिन इसे देवी-देवताओं को अर्पित करना अशुभ है। धार्मिक मान्यता है कि लीची पूजा की सात्त्विकता को प्रभावित करती है और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने में बाधा बन सकती है।

4. जामुन (Black Plum)

जामुन को भी तामसिक गुणों वाला फल माना जाता है। इसे देवी मां को अर्पित करना अशुभ समझा जाता है। विश्वास है कि इससे पूजा का पूरा फल नहीं मिलता और परिवार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

मां दुर्गा को चढ़ाने योग्य फल

यदि आप माता रानी की विशेष कृपा और आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो पूजा के समय केवल सात्त्विक और पवित्र फल ही अर्पित करें।

सेब – सेहत और दीर्घायु का प्रतीक।

नारियल – पवित्रता और समर्पण का प्रतीक, देवी पूजा में विशेष महत्व।

अनार – संतान सुख और समृद्धि का प्रतीक।

केला – सात्त्विक फल, हर देवी-देवता की पूजा में उपयोगी।

अमरूद और संतरा – शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक।

 

 

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